आसनसोल :- आसनसोल बाउरी और अनुसूचित जाति समन्वय और उन्नयन समिति की ओर से आज कल्याणपुर के सुगम मैरेज हॉल में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राज्य के मंत्री मलय घटक मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ अनूप माझी और क्षेत्र के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर चर्चा करना और लोगों की समस्याओं को सुनना था।
अपने संबोधन में मंत्री मलय घटक ने आदिवासी मोहल्लों की विशिष्ट आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आदिवासी बहुल इलाकों में कुछ छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कार्य करके लोगों के जीवन में काफी सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने सुलभ शौचालय के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पहले जब विभिन्न इलाकों में जंगल आदि हुआ करते थे, तब महिलाओं को शौच आदि के लिए उतनी परेशानी नहीं होती थी। लेकिन अब, चारों तरफ घर और रास्ते बन जाने के कारण महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, आदिवासी मोहल्लों में सुलभ शौचालय का निर्माण एक बड़ी राहत प्रदान कर सकता है।
इसके अतिरिक्त, मंत्री घटक ने आदिवासी क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट और कम्युनिटी हॉल के निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट से रात के समय लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी और सुरक्षा भी बढ़ेगी। वहीं, कम्युनिटी हॉल सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान साबित होगा, जिससे समुदाय के लोगों के बीच आपसी मेलजोल और एकता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सुविधाओं के विकसित होने से आदिवासी बहुल इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
अपने संबोधन के दौरान मंत्री मलय घटक ने पूर्ववर्ती वामपंथी शासनकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वामपंथी दल खुद को गरीबों की पार्टी बताते थे, लेकिन वास्तव में वे अमीरों के लिए काम करते थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह केवल धर्म के नाम पर लोगों को बांटने का काम करती है। उन्होंने वर्तमान राज्य सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों को गरीबों और वंचितों के कल्याण के लिए समर्पित बताया।
बैठक में उपस्थित लोगों ने मंत्री मलय घटक के विचारों को ध्यान से सुना और अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं से उन्हें अवगत कराया। मंत्री घटक ने सभी की बातों को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस बैठक से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विकास की नई उम्मीदें जगी हैं।
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